Top National & International News Of Entertainment
Currently Browsing: Author

FILMMAKER ABHIK BHANU’S 4th BOOK HONCHO GOES TO HOLLYWOOD

MUMBAI: California based publishing company ‘PageTurner Press and Media LLC’ has released Indian filmmaker and writer Abhik Bhanu’s fourth book titled “Honcho” recently at Amazon and many other online platforms across the globe. It is a terrorist story on Kashmir that has hit the world.

Abhik Bhanu’s fictional book “Honcho” talks about Kashmir’s story told Post 370. Has terrorism vanished and peace and tranquility healed wounds of people? Has Kashmiri Pandits returned to their homes? What is the reality of Kashmir? Or, after the revocation of Article 370 in J&K, a deadly game of supremacy began.

From the book: “Do you know who the Honchos of these politicians are? The arms manufacturing companies of the world… They decide who lives and who dies. They! They are so powerful that they can destroy the world in seconds; if they decide to do so together. These companies do not have any country or religion. They only know money and power. The politicians obey these Honchos. They have money, they control the state. They help political parties to create issues; so that countries fight and they can sell their arms,” says the movie director (character) from the book.

He continued after a short pause. “Where would they sell their arms if people don’t fight? You know that F series producing company supplied arms to both Iran and Iraq. The war continued for nine years. They need fighters and issues so that they can continue the war. They know they can win their seats in Assembly and Parliament just by keeping these issues alive.”

The terrorist was listening quietly, so the movie director continued, “Even if Kashmir gets freedom what would you have? Nothing… Few political families rule the nation as Congress ruled India for seventy years. Politics is filth. Full of mud and dirt. You are a simple honest Kashmiri man. A talented performer… Everyone clapped for you. I bet you can’t forget that your entire life. Can you? Have you heard of Gandhi? He fought against British Colonialism. Did he take up arms? He didn’t hurt anyone, didn’t kill anyone and the entire world loved his approach. He fought with a strategy and won.”

Abhik Bhanu, a journalist by profession has ventured into creative cinema as writer-director and producer. He has made three Hindi feature films viz: Sab Kuch Hai Kuch Bhi Nahi”, “A Dark Rainbow” and “Gun Pe Done”. He has also made short films too. His earlier published books are: “A Dark Rainbow”, “Stool Pigeon” and “Blind Faith”. Other than this fourth book he has multiple thriller and crime stories in the pipeline of releases.

The author has dedicated the book to all the global film community. Speaking about this book about the book Abhik Bhanu says, “The subject on Kashmir has been touched with witty, humour and satire. The novel offers guts and conviction and on the other hand portrays friendship and love in any situation. The book has grey characters which believe in rules can be broken as and when required, or rather manipulate it as and when needed.”

Abhik Bhanu further adds, “The book enlightens the passion of a filmmaker. It took me as long as 15-years to pen this book. It’s nice for a movie script too.”

He further reveals that Honcho has been published by PageTurner Press and Media, a California (Chula Vista) based publishing company which also promises to make a Hollywood movie based on the book.


Prabha Khaitan Foundation unveils book Dear Mama by Mohini Kent – Cherie Blair launches book on collection of intimate letters to their mothers by eminent personalities

प्रभा खेतान फाउंडेशन के ऑनलाइन कार्यक्रम में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की पत्नी चेरी ब्लेयर ने मोहिनी केंट द्वारा लिखी पुस्तक “प्रिय मां” को किया लॉन्च

12 नवंबर, 2020, कोलकाता / लंदन: प्रभा खेतान फाउंडेशन, कोलकाता की तरफ से स्वाति अग्रवाल के तत्वाधान में आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में जीवन में स्नेहमयी माताओं के प्यार एवं योगदान पर लिखी पुस्तक “प्रिय मां” को ऑनलाइन लॉन्च किया गया। इस पुस्तक में आध्यात्मिक गुरुओं, ब्रिटिश हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्यों, राजनीतिक नेता, शाही परिवारों के सदस्य, अभिनेता, उद्यमी, पत्रकार, फोटोग्राफर और डॉक्टरों ने मां के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है।

श्री सीमेंट द्वारा प्रस्तुत ऑनलाइन कार्यक्रम ‘किताब’ में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की पत्नी चेरी ब्लेयर, ब्रिटिश बैरिस्टर, लेखक और महिलाओं के अधिकार के लिए काम करनेवाली एक सामाजित कार्यकर्ता ने इस पुस्तक को औपचारिक रूप से ऑनलाइन लॉन्च किया।

इस मौके पर विश्वभर से सैकड़ों आमंत्रित विशिष्ठ लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरानचेरी ब्लेयर नेइस पुस्तक की लेखिका और लिली अगेंस्ट नामक एक धर्मार्थ संगठन जो मानव और बाल तस्करी के रुप में व्यापार के खिलाफ काम करता है, इसकी संस्थापक चेयरपर्सन मोहिनी केंट के साथ घंटों अपने विचारों का आदान-प्रदान किया।

इस पुस्तक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना संदेश लिखा। इसके अलावा तिब्बती धर्मगुरू महामहिम दलाई लामा, चेरी ब्लेयर, सर क्लिफ रिचर्ड, जीपी हिंदुजा, श्री एम, किरण मजूमदार शॉ, अरशद वारसी, डॉ. करण सिंह, सर मार्क टली, शर्मिला टैगोर, राकेश ओमप्रकाश मेहरा, संदीप भूतोरिया, लॉर्ड पारेख, केपी सिंह और अन्य प्रतिष्ठित इन हस्तियों के साथ-साथ आम नागरिकों ने अपनी माताओं को समर्पित पत्र लिखकर इस पुस्तक मां के योगदान को व्यक्त किया है, इसके साथ इस पुस्तक के लिए विशेष रूप से मोहिनी केंट की व्यक्तिगत सराहना की है।

‘प्रभा खेतान फाउंडेशन के ट्रस्टी संदीप भूतोरिया ने कहा: हमारी इस संस्था द्वारा ‘प्रिय मां’ पुस्तक के अनावरण की मेजबानी करना हमारे लिए एक बड़ा सम्मान है, जो अपनीमांके लिए भेजे गये पत्रों का एक शानदार संग्रह है। यह पुस्तक अपनी मां के प्रति प्यार, भावना, करुणा और प्रेरणा की गहरी भावनाओं को उजागर करता है। लंदन में एक कार्यक्रम में मार्च 2020 महीने में ही इसे औपचारिक तौर पर लॉन्च करने की बात थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। इस पुस्तक के लिए मेरी स्वर्गीय मां को पत्र लिखना मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर बहुत ही मार्मिक अनुभव था।

मां बच्चों की पहली गुरु और मार्गदर्शक होती है। महात्मा गांधी, आइंस्टीन, अब्राहम लिंकन, बुद्ध और अन्य पर अपनी माताओं का कर्ज है। यहां तक कि एचआरएच प्रिंस चार्ल्स ने भी महारानी को उनके मैस्टीज डायमंड जयंती समारोह में उन्होंने ‘मम्मी’कहकर संबोधित किया। इनके बीचइस पुस्तक में मौजूद कुछ बेटियों के पत्र में माताओं द्वारा उन्हें धोखा देने का दर्द छिपा है। कुछ माताओंने अपनी बेटियों को दास के रूप में बेच दिया, इस पुस्तक में उन लड़कियों द्वारा भेजे गये पत्र में दिल टूटने, मन में हुए गहरे जख्म, हानि और विश्वासघात का दर्द बेटियों ने बयां किया है।

मोहिनी केंट ने अपनी चैरिटी संस्था, लिली अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग की सहायता के लिए यह पुस्तक लिखी है। यह पुस्तक फ्लिपकार्ट और अमेज़न इंडिया पर ऑनलाइन उपलब्ध है और इससे होनेवाली आमदनी का पूरा हिस्सा मानव तस्करी के खिलाफ काम कर रही इस संस्था को दिया जायेगा।

चेरी ब्लेयर एक मानवाधिकार वकील, एशियन यूनिवर्सिटी फॉर वुमेन की चांसलर हैं। इसके अलावा वह लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की गवर्नर और ओमनिया रणनीति एलएलपी की एक संस्थापक सदस्य भी रह चुकी हैं, जो महिलाओं की संस्था चेरी ब्लेयर फाउंडेशन द्वारा विकासशील देशों में महिला उद्यमियों का समर्थन करती है।

लेडी मोहिनी केंट नून एक मशहूर लेखक, फिल्म निर्माता, चैरिटी कार्यकर्ता और पत्रकार हैं। वह लिली अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग की फाउंडर चेयरपर्सन हैं, और अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के ब्रिटेन में वैश्विक दूत है। वह कई पुस्तकों की लेखक हैं, जिनमें ब्लैक ताज, एक उपन्यास और नागार्जुन: द सेकेंड बुद्धा शामिल हैं। उन्होंने फीचर फिल्मों, वृत्तचित्रों को लिखा और निर्देशित किया है, और सर बेन किंग्सले के साथ काम किया है। उनके मंच नाटकों में रूमी: द अनविल द सन शामिल हैं। वह यूके में आध्यात्मिक शिक्षण पर्यटन कार्यक्रम का भी आयोजित करती है।

   

पुस्तक प्रिय मां के कुछ चुनिंदे अंश :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: “मां प्रेरणा का सदा-समृद्ध वसंत है और सभी चुनौतियों को पार करने की हमारी ताकत है।”

एचएच दलाई लामा: “मेरी मां मेरी करुणा की पहली शिक्षिका थीं। अपनी माताओं से स्नेह प्राप्त करनेवाले बच्चे ही अपने वयस्क जीवन में बहुत अधिक आंतरिक शांति रखते हैं।”

चेरी ब्लेयर: “वकालत के बाद जब मुझे 1976 में बार संगठन में बुलाया गया, तो आप मेरी उपलब्धि का हिस्सा बनने वाले एकमात्र माता-पिता थे। मैं चाहतीथी कि मेरी इस उपलब्धि को आप स्वीकार करें।”

सर क्लिफ रिचर्ड: “मृत्यु कभी उचित नहीं होती। आपने हमें जीवन दिया, मुझे, डोना, जैकी और फिर जोन को आपके लिए जिंदगी नसीब हुई, लेकिन मौत ने आपको हमसे दूर कर दिया हालांकि वह हमारे मन में कैद आपकी यादों को हमसे नहीं छीन सका।”

जीपी हिंदुजा: “यह कहा जाता है कि भगवान ने माताओं को बनाया क्योंकि वह हर जगह नहीं हो सकते थे।”

शर्मिला टैगोर: “मौत तुम्हें हमसे दूर ले गई। इसके पहले मैं आपको कभी नहीं बता सकी कि मैंने चुटकुलों के जरिये आपकी पाक कला और आपकी प्रतिभा की कितनी सराहना की।”

योगी श्री एम: “मैं मेरी माँ से क्षमा मांगता हूं जब उसका प्यारा बेटा हिमालय भाग गया। जब वर्षों बाद जब मैं एक योगी बनकर वापस आया, तो मेरी मां ने मेरा स्वागत किया। केवल एक मां ही ऐसा कर सकती है।

‘प्रिय मां’ पुस्तक की बिक्री से होनेवाली आमदनी बालिकाओं की मदद के लिए खर्च की जाएगी।”


Bollywood Lyricist Meenu Singh Celebrates Her 25 Years In Bollywood

Lyricist Meenu Singh is celebrating her 25 years in bollywood this year. She has the distinction of working with popular Singers,  Music Directors & Producer –  Directors  viz Mahinder Kapoor, Bhappi Lehri,  DAVID DHAWAN, ANU MALIK, DALER MEHNDI, MIKA, BALI BRUMBHAT, SHAAN, SHEREYA GOSHAL, SONU NIGAM, VINOD RATHOD, UDIT NARAYAN  and the list goes on.

Presently, Meenu is writing for Bappi Lahiri’s compositions. She has even penned the lyrics of Asha Bhosle’s forth-coming album. Poetry has always been her passion, says Meenu. She was born and brought up in Jalandhar but the passion became a profession when she moved to Mumbai. “My husband has been a great support”. But my inspiration has been Anand Bakshi. His songs are cherished.

Bollywood lyricist Meenu Singh, is now toning up for the Mrs India beauty contest for which she has prepared herself. She  will be walking on the ramp. It was only last year while watching the contest that the idea of participation  struck Meenu. “I have hired a personal trainer and have lost nearly 8 kg in four months,” she says.

    

Meenu’s journey as a lyricist began in 1996. “I met singer-composer Bali Brahmbhatt and he liked my collection of songs and I got my first break. His song Kook Kook Kooky, which I penned became a big hit.” After that there was no looking back, she says. “I worked with Bappi Lahiri, Daler Mehandi, Mika, Mahender Kapoor, Labh Janjua and others.” She has written the lyrics for the movies Chor Machaye Shor; String and Topless.

“Till date, I have penned lyrics for over 60 songs”. “Old is gold. The magic of old songs created can be recreated even today,” believes Meenu. Now is modeling time for Meenu. “I have already been selected among the top 50 contestants and I’m confident that I shall also be short-listed among the top 25,” she says.


Soni Jha Got Recognition From Unique Poetry Writing

अनोखे काव्य लेखन से मिली पहचान – सोनी झा

प्रेरणा और अलग नजरिया जिसमें होता है। वह अपने कविता के जरिए लोगों में एक बेहतर अनुभूति कराता है। अपने काव्य से लोगों में एक उमंग जगाता है। शब्दों की सजावट और शब्दों के साथ उसका सही वर्णन जो कोई करता है उसे ही एक काव्य कलाकार कहते हैं। यह कलाकार हमें निसर्ग एवं समाज से जोड़ें रखते हैं।

ऐसी ही एक कलाकार के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जो अपने काव्य से लोगों का मन लुभा रही है। सोनी झा, जो कि झारखंड के जमशेदपुर शहर से हैं उनके पिता पुलिस में देश की सेवा कर रहे हैं और माताजी ग्रहणी है, सोनी झा अपने बाल रूप से ही लोगों और लोगों के मन के साथ जोड़ी है। शायद यही कारण है कि वह इतनी बेहतरीन कविताएं लिखती है, जो लोगों के मन को लुभा जाती है और लोगों को सोचने पर विवश कर देती है।

वह एक तरह से शब्दों को पीरों कर और शब्दों की नक्काशी कर उसे एक काव्य रूप देती है जिसे लोग पढ़े बिना रह नहीं पाते और उसमें ही लीन रह जाते हैं। उनका कहना है कि कविताएं लिखने से पहले कल्पना और अद्भुत विचारों का मिश्रण होना बहुत ही जरूरी है जिससे वह कविताएं और भी खूबसूरत हो जाती है।

उनका यह भी मानना है कि आजकल लोगों में प्रेरणा की कमी हो गई है। लोग अपने और अपने प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं। वह चाहती है कि उनकी कविताएं लोगों को प्रेरणा दें। उनकी यही महान सोच उन्हें एक बेहतरीन कवियत्री बनाती है। उनकी कविताओं में इस तरह की सभी खूबियां हैं जो एक इंसान को बदलने के लिए काफी है।

 

बंजारो की ज़िन्दगी

बंजारो सी लगती है अब ये ज़िन्दगी…

रेगिस्तान की रेतों की तरह…

हाथों से फिसलती ये ज़िन्दगी…

ना जाने किस मोड़ पर आकर रूकेगी…

ख्वाहिशों के मौसम में…

बदलाव की बयार ना जाने…

किस आंगन में जाकर खत्म होगी।

हारते हुए इंसान को…

इश्क़ की तन्हाइयों ने ज़ख़्म काफी गहरा दिया है वक़्त की अदालत ने…

सबका चेहरा बेनकाब किया…

किसी ने आकर मेरे ज़ख़्म सिले नहीं…

उस गहरे ज़ख़्म पर…

मरहम भी खुद से लगाई हूं जो मेरे अपनों की खंजर से मिली है।

बार बार उठने की कोशिश भी….

नाकाम सी लगने लगी है ,हर दफा…

रिश्तों की किश्त ढोते ढोते…

ज़िन्दगी उलझ सी गई है ।अपनी उलझन को…

सुलझा सुलझा कर…

अब थक सी गई हूं।

आंखों में नमी…

अब बचा नहीं, किसी और से अब दिल लगा नहीं…

किसी के इंतजार में…

पत्थर दिल सी हो गई हूं…

ख्वाब टूटकर बिखर गए…

मगर किस्मत से हार नहीं मानी हूं। तन्हाइयों का साथ देते देते…

खुद को कही भूल बैठी हूं…

खुशियों की दस्तक से…

इक अनकही सी फासला बना बैठी हूं …

अब खुद को सौप देना चाहती हूं…

उन खामोशियों को…

जिसके बाद कोई कीमत ना चुकानी पड़ी…

किसी को आवाज़ लगाने की।

अब बस थक कर सो जाना चाहती हूं…

तुम्हारी बाहों में सुकून मिले ऐसी ख्वाइश से खुद को सौप देना चाहती हूं…

उन आसमानों के बाहों में…

जहां से सब कुछ धुंधला सा लगे…

जहां मुझे कोई ढूंढ़ ना सके।

बस बहुत जी ली…

ये खोखली सी ज़िन्दगी…

अब हार जाना चाहती हूं…

खुद की ख्वाहिशों भरी उम्मीदों से…

धड़कन को बंद कर ,अपनी सांसों को मिला देना चाहती हूं…

आसमानों के खुली फिज़ाओं में, सोचती हूं …

एक बार ही सही अपने ख्वाब को मुकम्मल कर लूं…

अपनी होंठों की मुस्कान को…

फिर से वापिस ले आऊ…

छोड़ जाऊ जमाने के  इन रीति रिवाजों को…

और जी लू अपने अल्हड़पन को…

बेझिझक सी, बेपरवाह सी, बेधड़क सी, बेख़ौफ़ सी ।।

 

खुशियों की तलाश

ना ही तुम हमें किसी बंधन में बांध पाए ,

ना ही चाहत के सिलसिले में मेरा हाथ थाम पाए।

ख्वाहिशों के मौसम में तुम भी कुछ बदल से गए,

मेरे जज्बातों की आंधी में तुम भी थोड़ा बहक से गए ।

तुम्हें सोच के ख़ुद के ख्वाबों से हम रिश्ता निभा नहीं पाए,

तेरे लिए हम सब कुछ पाकर भी खुद से ही हार गए।

हर दफा ,गलत इंसान से इश्क़ करने की गुस्ताखी करते गए ,

मगर ये कम्बक्त दिल भी सबको माफ करके ,दिल के टुकड़ों को खुद से ही जोड़ते गए।

कभी वो मिला ही नहीं, जिनकी मोहब्बत मिलने से छणिक भर भी दिल को सुकून मिले।

जो भी मिले रास्ते में ,बस मेरे टूटे हुए दिल को जोड़कर ,फिर से तोड़ते गए।

हम मोहब्बत की हर तकलीफ को ,दिल के किसी कोने में दफन करते गए।

बार बार टूटकर बिखरने के बावजूद भी किसी और के लिए खुद की ज़िन्दगी को तबाह करते गए।

एक टूटे हुए दर्पण की तरह, अपने दिल के भी टुकड़े टुकड़े करते गए।

हर दफा ना चाहते हुए भी झूठी तसल्ली देकर दिल को दिलासा दिलाते गए।

हर तकलीफों को किनारे रखकर, सुकुन की तलाश में ज़िन्दगी को जिते चले गए।

दिल्लगी ना करने की कोशिश में तुझसे दूर होते गए ,

फिर भी, ना जाने क्यूं , तुझे देखकर ये ख्याल हमेशा बदलते गए।

झूठ और फरेब से भरे इश्क़ की इन गलियों में ,दिल अपना लुटाते गए

मोहब्बत और किस्मत के खेल में जीत हासिल करने की बजाय खुद के दिल को हारते गए।

भला किस्मत से इश्क़ कब जीत पाया है -२

ये जानकर दिल को समझाते गए और इश्क़ की दुनिया में खुद की खुशियां तलाशते गए।

इश्क़ की दुनिया में खुद की खुशियां तलाशते गए ।।


Book Launch Of CA Sudha G Bhushan By Quaiser Khalid IPS Officer

बीएसई इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में सुधा जी भूषण की बुक लॉन्च (International transactions-A Comprehensive Guide) का समारोह प्रभावशाली ढंग से सम्पन्न हुआ, सुधा भूषण मुंबई स्थित इंडिया प्रसिद्ध चार्टर्ड एकाउंटेंट है।  समोरह का आरंभ सरस्वती वंदना की गूंज के साथ दीप प्रजवलावित करते हुए हुआ।

दीप प्रज्वलित करने का शुभ कार्य सुधा जी भूषण, सुनील पाटोदिया, विनय भूषण, सुमन अग्रवाल, नीला पारिख,जेपी गुप्ता व ए.पी. कुमार  के शुभ करकमलों से सम्पन्न हुआ। जितनी भ्व्या इमारत में समारोह हुआ, उतने ही प्रभावशाली व्यक्ति विशेष समारोह में उपस्थित थे|

Mr.Quaiser Khalid, The Inspector General of Police, Maharashtra (Chief Guest),  Ashish Chauhan, MD and CEO of BSE (Guest of Honour), Raj Kumar Joint commissioner of income tax (OSD) Circle -11(2)(2), Shankar Jhadav, MD BSE investments Limited, Ashok Kumar Garg, Ex ED  Bank of Baroda, Jagdish Prasad Gupta, successful business man and Father Sudha Bhushan,  Vinay Bhushan, Founder Taxpert Professionals, Sunil Patodia Ji , Chartered accountant and ex chairman of WIRC of ICAI.

सुधा भूषण अपने २० साल के कार्यकाल में अंगीनित कंपनीज को इंडिया में स्थापित करने, इंडिया से बाहर कंपनीज establish   करने, उनकी सर्वोत्तम स्ट्रेटजी बनाने, उनका optimum tax structuring   करने का काम कर चुके है|

बुक का विमोचन करते हुए श्री खालिद जों खुद भी एक लेखक है, ने कहा कि कोई भी बुक किसी व्यक्ति के विचारो का आयना होती है|

श्री खालिद की स्पीच की सरल भाषा ने समारोह की शोभा में चार चांद लगा दिए। बुद्धिजीवियों का एक अद्भुत सामंजस्य देखकर श्रोता भी आन्नादित थे। सुधा जी के पिता जी श्री जेपी गुप्ता जी, जों दिल्ली से विशेषकर अपनी बेटी के बुक विमोचन समारोह में सामिल होने के लिए आए थे बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहे थे।

व्यक्ति विशष श्री सुनील पाटोदिया जों देश के नमिक चार्टर्ड एकाउंटेंट है ने सुधा जी को उनकी सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि सुधा जी की शुरू से ही रुचि Foreign International Tax & Laws में रहि  है एवं सुधा जी और विनय जी अपने कार्यक्षेत्र में बहुत ही सराहनीय काम कर रहे है।  सुधा जी ने अपने स्पीच के दौरान बताया कि उनके अनुभव में इंटरनेशनल टैक्स एंड त्रांसाक्शन एक कॉम्प्लेक्स लॉ नहीं है, जरूरत है तो चार कंप्लायंस मनेज करने की।

  • Allowability (w.r.t FEMA Provisions) 
  • Vulnerability (arising out of double Taxation)
  • Explainability (achieved through lucid Documentation) 
  • Accountability (required under Companies Act, 2013, Income Tax Act, 1961 and FEMA, 2000).

सुधा जी ने अपनी स्पीच को आगे बढ़ाते हुए कहा कि टैक्स जितना सिम्पल हो उतना ही अच्छा है, उन्होंने कहा कि वो अपने कार्य द्वारा मोदी जी के ५ ट्रिलियन इकॉनमी के सपने में योगदान देना चाहती है।

विनय जी ने इंटरनेशनल लॉ पर अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि कंप्लायंस एंड डॉक्यूमेंटेशस की महत्वपूर्ण ता बहुत बढ़ गई है। एक मल्टीनेशनल कंपनी को बेशक हर लॉ का ध्यान रखना चाहिए। जन्हा तक क्रॉस बोर्डर ट्रांसाक्शन की बात है, उसके अपने नुआंसज है जो सभी  कंसर्नेड को समझने चाहिए और दुनिया दिन प्रतिदिन छोटा होता जा रहा है इसलिए जरूरत है की मल्टीनेशनल कंपनीज को अपनी पॉलिसीज, पूरे लॉज को मध्यनजर रखते हुए बनानी चाहिए।

बुक लॉन्च के साथ साथ समारोह में डिजिटल इकॉनमी की के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। चर्चा में शामिल अतिथिगणों Amit Sheth, co founder and director Aurionpro Solutions Limited., Mr. K. Balachandran Co founder IRIR, Mr. Amol Lone, Head Finance and IT, Fermenta biotech limited),  ने बहुत ही उत्तीर्ण ढंग से अपने विचार व्यक्त किए। समारोह का समापन भागवत गीता के  लीडरशिप लैशंस के साथ हुआ, जिसमें श्री कृष्ण चेतन्य दास, HOD. Department of Integrated Preaching at ISKCON Juhu Mumbai., ने  गीता को कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए एक सूत्रधार में बांध दिया।



« Previous Entries

Powered by WordPress | Designed by Elegant Themes