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Open letter to Breach Candy hospital, to the Trustees, to the Medical staff and Heart specialist Dr Kirti Punamiya

I would like to begin with that most times people write an open letter is because it is a complaint or rant against a hospital or doctor.
However in these disheartening times of the pandemic i am writing this letter as my faith in humanity and the doctors Hippocrates oath has been restored .
On Diwali day my father Dr.Basant Kumar Sharma who is a  76 year old water technologist
complained of breathlessness and a runny nose.
The family assumed that he could possibly have Covid. However being Diwali night and a weekend he did not want to go to the hospital so we decided that we will take him on monday morning. On monday when he had sudden water retention in his feet and severe breathlessness we rushed him to the emergency ward of a well know private hospital in khar. I was disgusted by the attitude of the doctor on duty and the meducal staff. They left my father on a wheelchair and were busy talking amomg themselves. They put him on oxygen finally and then took his ECG, but even before the reports could come they said they have no ICU beds and we would have to find a bed elsewhere. Once we got his ECG my friend who was with me sent a photo of the ECG to Dr.Kirti Punamiya who immediately said that my father had suffered a massive heart attack.
He asked us to rush him to Breach Candy hospital in an ambulance with oxygen on. When we got to the hospital i was amazed ar the kind of emergency response the entire Breach Candy hospital team had set up waiting for my farhers arrival. There were 12 EMS medical staff ready along with Dr.Kirti Punamiya. The next 3 hours they performed emergency medical procedures on my father and stabilised him totally. Had we not reached Breach Candy and had these emergency procedures not done we would have lost my father. The next 5 days were like out of a movie for me. A complicated Angioplasty using a shockwave balloon was done next day under the very capable hands of Dr.Punamiya and my father was then admitted in ICU for the next 4 days. Each staff member was so thoroughly professional and polite and at times strict when required. It was truly heartening to see my father literally be pulled from the jaws of death .
Dr.Punamiya after hearing about my fathers background and understanding that there was no medical insurance waived of 60% of his fees . The medical director Dr.Geeta Koppikar also has further made a request to the Trustees for a concession. Dr.Punamiyas positive attitude instilled hope in the entire family. He promised that he will have my father walk out of the hospital and he truly did live up to his promise. He literally changed poison into medecine.


I feel truly blessed to have encountered such selfless and fantastic medical professionals.
Hats of to Breach Candy Hospital , Dr.Punamiya and to all the selfless medical professionals who work tirelessly night and day.
Deepest gratitude from my heart .
Sincerely
With gratitude
Sidharth Sharma


Kitab Launches Shashi Tharoor’s Book “The Battle of Belonging” Literary Bigwigs – politicians Attend Online Event Hosted By Prabha Khaitan Foundation

प्रभा खेतान फाउंडेशन द्वारा शशि थरूर की नयी पुस्तक “द बैटल ऑफ बिलॉन्गिंग” को किया गया लॉन्च

23 नवंबर 2020, कोलकाता: शशि थरूर की नयी पुस्तक “द बैटल ऑफ बिलॉन्गिंग” को ‘‘प्रभा खेतान फाउंडेशन’’ की तरफ से ऑनलाइन सत्र ‘किताब’ के समारोह में लॉन्च किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री हामिद अंसारी (देश के पूर्व उपराष्ट्रपति), फारूक अब्दुल्ला (अध्यक्ष, जेएंडके नेशनल कॉन्फ्रेंस), डेविड डेविडर (उपन्यासकार और प्रकाशक), पवन के वर्मा (पूर्व राज्यसभा सांसद और राजनयिक), मकरंद परांजपे (निर्देशक), लेखक शशि थरूर ने इस समारोह में “द बैटल ऑफ बिलॉन्गिंग” लिखने के लिए अपनी प्रेरणा को विस्तृत रूप से समारोह में शामिल सम्मानीय अतिथियों के समक्ष साझा किया। इसके साथ ही उन्होंने इस गहन शोध कार्य को पढ़ने के लिए किताब से जुड़ी कई अहम जानकारी दी।

एलेफ बुक कंपनी के संयुक्त तत्वाधान में प्रभा खेतान फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस ऑनलाइन कार्यक्रम में एहसास की तरफ से महिला सुश्री अप्रा कुच्छल ने इसे लांन्च किया और पत्रकार करण थापर द्वारा पूरे कार्यक्रम को संचालित किया गया। इस वेब इवेंट में भारत के वर्तमान सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रकाश डालती शशि थरूर की 22 वीं पुस्तक के बारे में चर्चा और आलोचनात्मक मूल्यांकन के लिए देश -विदेश से बड़ी संख्या में अतिथि शामिल हुए।

सभी मेहमानों ने शशि थरूर की नवीनतम पुस्तक और भारत से संबंधित कई मुद्दों पर गंभीर बहस को गति देने को लेकर इस पुस्तक की काफी सराहना की, क्यों कि इस पुस्तक के जरिये वे कुछ मूल अवधारणाओं जैसे राष्ट्रवाद, देशभक्ति, नागरिक राष्ट्रवाद, भारत के विचार और अन्य लोगों के बारे में विस्तार से बताने से वे नहीं कतराए।

श्री हामिद अंसारी ने जीवंत चर्चाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा: इसमें एकग्र भारत के विचार के लिए एक भावुक दलील को शामिल किया गया है, इसमें पहले की उन विचारधाराओं जो अब लुप्तप्राय है इसके जरिये कल्पनाशील मानदंडों पर प्रकाश डालने की कोशिश की गयी हैं। शशि थरूर ने इस पुस्तक में स्वतंत्रता संग्राम और भारतीय गणतंत्र के बाद के सात दशकों में समझे गए भारतीयता के आवश्यक तत्वों पर पाठकों का ध्यान आकर्षित कराने की कोशिश की है। मुझे इसमें देशभक्ति पर निबंध विशेष रूप से ज्ञानवर्धक लगे। पुस्तक का विश्लेषण व्यापक है।

किताब के प्रकाशक एलेफ बुक कंपनी के डेविड डेविडर ने कहा: मुझे उम्मीद है कि हर भारतीय इस किताब को अवश्य पढ़ेगा। इसमें एक उल्लेखनीय रूप से सीखा भी दी गयी है, यहां तक ​​कि इसमें मूलभूत विचारों और अवधारणाओं के साथ राष्ट्रीय मूल्यों के अध्ययन को शामिल किया गया है। यह पुस्तक दुर्लभतम-दुर्लभ ‘अपरिहार्य’ श्रेणी में आती है – ऐसी पुस्तकें जिनके बिना आप काम नहीं कर सकते। मुझे उम्मीद है कि लोग इस पुस्तक को पढ़ने के बाद अब से “पचास साल की लड़ाई” पर चर्चा अवश्य करेंगे।

शशि थरूर ने इस पुस्तक को कलमबद्ध करने से जुड़े कारणों के बारे में बताते हुए कहा:  इस पुस्तक में राष्ट्रवाद और देशभक्ति के मुद्दों पर जीवनभर के विचारों, पठन और तर्कों की पराकाष्ठा को शामिल किया गया है जो केवल सैद्धांतिक या अकादमिक नहीं हैं, बल्कि गहन रूप से व्यक्तिगत भी हैं। पुस्तक को भारतीय राष्ट्रवाद के मूल तत्व के लिए एक बुनियादी चुनौती के उदय से प्रेरित किया गया था। यह पुस्तक आज के भारत में विशिष्टता के खिलाफ दुनिया में राष्ट्रीयता की समझ की ओर एक पर्यवेक्षक का नोट प्रस्तुत करती है। भारत के अपने उपनिवेशवाद-विरोधी राष्ट्रवाद ने एक लोकतांत्रिक संविधान में खुद को `नागरिक राष्ट्रवाद ‘ में बदल दिया और फिर इसे अब धार्मिक-सांस्कृतिक राष्ट्रवाद में बदलने के लिए संघर्ष किया जा रहा है। इस पुस्तक में प्रमुख विषय भारत से संबंधित होने और भारत का आपके साथ होने की लड़ाई को बनाया गया है।

 

लेखक अपनी लेखनी के जरिये यह बताने की कोशिश किये हैं कि आज भारत में जिस राष्ट्रवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है, वह एक ऐसी समग्र दृष्टि है। नागरिक राष्ट्रवाद एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक समाज में भाग लेने के लिए नागरिकों की सहमति से उत्पन्न होता है और लोगों के व्यक्तिगत अधिकारों को सुरक्षित रखता है और इसलिए इसे सभी के ऊपर प्रचारित और इसे संरक्षित किया जाना चाहिए।

थरूर अपनी किताब में कहते हैं कि देशभक्ति और राष्ट्रवाद अलग हैं। एक देशभक्त अपने देश के लिए मरने को तैयार है जबकि एक राष्ट्रवादी अपने देश के लिए मारने को तैयार है। किताब वेब कार्यक्रम में शामिल कुछ लाइव पैनलिस्ट इस अंतर से सहमत नहीं थे, वे इसे “बौद्धिक उत्थान” कहते रहे हैं।

करण थापर के एक सवाल के जवाब में, फारूक अब्दुल्ला ने कहा: आज हम धर्म, जाति, पंथ और भाषा पर विभाजित हो रहे हैं। क्या हम एक मजबूत भारत बना रहे हैं या इसके बहुत सार को मार रहे हैं! शशि ने इस किताब को लिखने में बहुत अच्छा काम किया है। मैं आपको एक बात बताना चाहता हूं, अत्याचारी आ सकते हैं और जा सकते हैं लेकिन राष्ट्र जीवित रहते हैं। हमें ऐसी ताकतों से लड़ना होगा जो हमें धर्म, जाति पंथ और भाषा के आधार पर विभाजित करने का प्रयास करते हैं।

कवि और उपन्यासकार परांजपे मारकंड ने कई विषयों पर लेखक से असहमति जताते हुए कहा: आज बहुत ही गर्मजोशी से नये भारत के लिए लड़ा जा रहा है। वहीं काफी पहले से चली आ रही नेहरूवादी आम सहमति जिसके साथ हम में से कई बड़े हुए हैं, अब शायद धूल से भर गए हैं, यह शशि की अन्य किताबों में अलग है और इस पर गंभीर बहस होनी चाहिए, लेकिन मुझे नहीं लगता कि भारत एक ऐसा देश है जो `नागरिक राष्ट्रवाद ‘का पालन करता है। मुझे लगता है कि यह हमारा सभ्यतावादी राष्ट्रवाद ’है और यह हमेशा बहुवचन है। शशि ने भारतीय संविधान को लगभग एक पवित्र ग्रंथ की तरह माना है, जिसे परिवर्तित नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे 103 बार बदला गया है। 42 वां संशोधन, आपातकाल के दौरान धकेल दिया गया, भारत का संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य अचानक एक समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष बन गया। जो आम संपत्ति में विश्वास करता है। हम समाजवादी नहीं हैं। हम अभी एक झूठ, एक पाखंड को जी रहे हैं। आइए हम खुद को किन्नर न बनाएं क्योंकि हमारी सारी राजनीति जातिगत गणना, भाषाई गणना, धर्म और जाति पर आधारित है।

पवन के वर्मा ने इसे एक महत्वपूर्ण पुस्तक पर कहा: शशि ने अपनी मस्तिष्क ऊर्जा को को इस किताब में निवेश किया और इसके जरिये एक दृष्टिकोण पेश किया, जो बहुत प्रासंगिक है। हमारा मानना है कि सभी धार्मिक चरम बुरे हैं, जिनमें इस्लामिक कट्टरवाद भी शामिल है, मैं वास्तव में यह नहीं समझ सकता कि एक देश के लिए एक ‘नागरिक राष्ट्रवाद’ क्या है जो समय की सुबह तक वापस चला जाता है और जिसकी सभ्यता की विरासत कुछ ऐसी है जिसे हमें अनदेखा करना और भारत के किसी भी विचार के लिए योगदान करना बहुत मुश्किल है जिसे हमने हाल ही में बनाया है। हमे किसी भी गैर-सांस्कृतिक बदलाव के खिलाफ विरोध के लिए हमेशा प्रस्तुत रहना चाहिए । श्री पवन के वर्मा ने भारत में धर्मनिरपेक्षता की विकृतियों और बैकलैश पर प्रकाश डाला। हेसैड ने कहा, आज कई भारतीय हैं जो भारत के विचार का निर्माण करने और उन्हें फिर से जांचने की बात सोच रहे हैं – महात्मा गांधी ने खिलाफत आंदोलन का समर्थन क्यों किया? नेहरू ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद को पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन में भाग लेने के लिए क्यों नहीं लिखा? केवल हिंदुओं के व्यक्तिगत कानूनों को क्यों बदला गया? अध्यादेश द्वारा शाह बानो केस का फैसला क्यों सुनाया गया। ये ऐसे प्रश्न हैं जिनसे हम परिचित हैं। हम आज के समय में वैमनस्य पैदा करने के लिए अतीत को खंगाल नहीं कर रहे हैं। लंबे समय तक ये सवाल कभी नहीं उठाये गये और इसलिए भारत का विचार निर्विरोध रहा। उन्हें अभी उठाया जा रहा है और हमें उनका जवाब देने की जरूरत है। हमारा मानना है कि हमे यह भी सोचना चाहिये कि महात्मा गांधी के इरादे हमेशा अच्छे थे लेकिन हमें यह देखने की जरूरत है कि इसके परिणाम क्या थे।

‘किताब’ कोलकाता के प्रभा खेतान फाउंडेशन का एक ऑनलाइन सत्र कार्यक्रम है, जिसे कोलकाता के सुप्रसिद्ध समाजसेवी संदीप भूतोरिया द्वारा परिकल्पित किया गया है, जो लेखकों, कवियों, बुद्धिजीवियों और विचारकों को अपनी पुस्तकों को लॉन्च करने और विभिन्न विषयों पर अपने विचारों को साझा करने और इसपर बौद्धिक सुझाव को प्रोत्साहित करने के लिए एक चर्चा मंच प्रदान करता है।


International Men’s Day Celebrated With Glitz – Glamour & Glory

Unified Brainz Celebrated the Success of Men leading by example with Glitz, Glamour & Glory on the occasion of International Men’s Day 2020.

Today on this auspicious day of International Men’s Day which is an opportunity for people everywhere of goodwill to appreciate and celebrate the men in their lives and the contribution made in the society for the greater good of all.

Men often surrender at work and with his family roles for their communities and society. We need to do away with the notion that men don’t cry and rather should encourage them to express their emotions freely being vocal. We need to build a space where men can talk about what they are suffering from, without being judged for being sensitive.

On this Great occasion, the world witnessed the most awaited event “Men Leaders to look Upto in 2020”. A glorious ceremony saw the presence of some most sought after lineup of men leaders who were featured from different walks of life sharing passion journey, which made them men of substance based on nomination and selection through a rigorous evaluation process. The event witnessed the online presence of friends from Bollywood & television industry, international supermodels, diplomats, socialites, business owners, entrepreneurs, media icons & industry leaders along with global subscriber base of Passion Vista. The event had seen wonderful engagement from over 26 countries across the globe as a platform where men leaders joined hands to network and share their opinions about the importance of better health for men and boys.

The Unveiling of this Special Collector’s Edition Magazine “Men leaders to Look Up to in 2020” was organized during an online event through Facebook & YouTube live addressing to the global audience. The magazine was unveiled by Dr GD Singh, Founder & President of Unified Brainz Group & Editor in Chief for Passion Vista Magazine along with the presence of Guest Editor Mr Mahendrasinh Jadeja from London who is an International Business Entrepreneur & Philanthropist.

The Editorial Board of Passion Vista & Unified Brainz Group in association with our Evaluation Partner – CIAC Global & International Chamber partner Asian African Chamber of Commerce & Industry, announced the inclusion of these 25 magnificent men, Aakash Goswami, Adel Singh, Bhavin Patel, Dr Achyut Dani, Dr Anil Kumar Misra, Dr Mustafa Saasa, Dr Sandeep Sekhri, Dr D Panduranga Rao, Dr Patrick Businge, Dr. Ricardo Saavedra Hidalgo, Freddy Daruwala, Gaurav Bargujar, H.E. Fabrice Houmard, Hemen Joshi, Jagdish Shekhar Naik, James Pulham, Lion Dr Kiron, Lord Rami Ranger CBE, Mangesh Amale, Mohammad Ismail Ghazanfar, Peter Cox, Pratik Gandhi, Rachit Agrawal, Rannvijay Singh, Rohan Mehta from various domains in this Special Collector’s Edition.

The editorial board along with our evaluation partner had observed and marked the profiles of men leaders as a brand of high repute and congratulated all men leaders for this achievement to be recommended for this special featured advertorial brand story coverage with the cover page.

This event was conceptualized and produced by Unified Brainz Group, a leading media & publishing house powered by Passion Vista –a Luxury, Lifestyle & Business Magazine in association with International Chamber partner Asian-African Chamber of Commerce & Industry (AACCI). Jointly with CIAC Global as Evaluation Partner, Future Billionaire Network International (FBNI) as supported by partner & World Peace & Diplomacy Organisation (WPDO) as Philanthropic partner along with Gift Hamper Partner – Whiskers (Luxury Men’s Grooming Brand) & Digital media partner Ten News (India), Online Media partner Awesome TV (USA), and PR Partner FAME Media and TVM Communication.


Municipal Corporation Is The Best Option For Village Progress

Corporation provided over 420 crores in a decade as against a few lakhs a year by Maharashtra Government

For the 29 villages that are currently a part of the Vasai-Virar City Municipal Corporation (VVMC) jurisdiction, the corporation has spent over 420 crores over the previous decade. Regarding the Maharashtra Government’s decision of exclusion of these villages, the figure will drop down to a few lakhs every year since the villages will then have a status of Gram Panchayat.

A fact and statistical data check as to what the villages will lose should these villages be deleted from the corporation limit reveals that the corporation is best suited for villages’ progress and development as against the system and financial aid for Gram Panchayat which is not well-equipped to develop a village.

For a few lucky Gram Panchayats that receive Rs 15 lakh every year for village development, most of the Panchayats receive Rs 5 lakh or less per year. On the other hand, the municipal corporation spends over 40 crores for maintenance and development every year for a village.

Recently, according to the corporation observers, water pipeline replacement in these villages cost the civic body Rs 15 crore. One can only guess how much time a Panchayat would have taken to get the work done.

Every year, the municipal corporation spends crores in amenities such as infrastructure development, conservancy, women and children welfare, safety and security, electricity, transport, education, and other maintenance and development initiatives. All these would take a hit in these 29 villages as they are set to lose out on these basic and crucial amenities, fear villagers. Even the former gram panchayat members were against exclusion from the corporation limit.

Disclaimer: The facts and opinions appearing in the article  do not reflect the views of Our Website Or our Editors   does not assume any responsibility or liability for the  same. It Is By News Source From PR Agency.


Amisha Patel Brand Ambassador Of Ahuja Agarbatti

Recently Amisha Patel (Kaho Na Pyar Hai fame), shot for Ahuja Agarbatti, as She is Brand Ambassador of it. This commercial ad shoot was done recently,at Future Studio, Goregaon East.

Amisha said “After a long period of lockdown due to Covid-19, first time shooting for this commercial advt, with all precautions, and I feel this is very auspicious for me, as it is Diwali time, we need good brand of agarbatti”.

Ad film was directed by Rakesh Patel with Dop by Jeet Bhadauria.Mohan Ahuja is Managing Director & Amit Ahuja is Director of Ahuja Agarbatti.

—-Wasim Siddique (Fame Media)

 

    

अमीषा पटेल बनी “आहूजा अगरबत्ती” की ब्राण्ड अम्बेस्डर।

हाल ही में फ़िल्म ‘कहो ना प्यार है’ कि चर्चित अभिनेत्री अमीषा पटेल, ने आहूजा अगरबत्ती के कमर्शियल ऎड के लिए शूट किया, वे इसकी ब्रांड एम्बेसडर भी हैं। हाल ही में इसकी शूटिंग गोरेगांव स्तिथ फ्यूचर स्टूडियो में सम्पन्न हुई।

अमीषा ने बताया कि कोरोना की वजह से लंबे समय तक लॉक डाउन के बाद, पहली बार इस विज्ञापन के लिए पूरे एहतियात के साथ इसकी शूटिंग की गई, वो भी दीवाली के शुभ अवसर पर।

इस विज्ञापन फ़िल्म के निर्देशक राकेश पटेल हैं व छायांकन जीत भदूरिया का है।

मोहन आहूजा इस कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं व अमित आहूजा निर्देशक हैं।


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